Sagar Highway Project : मध्य प्रदेश का सागर जिला जल्द ही देश के नक्शे पर कनेक्टिविटी के मामले में एक बड़ा केंद्र बनकर उभरने वाला है। भारत के भौगोलिक केंद्र में स्थित होने के कारण सागर को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। आने वाले समय में यह जिला 12 राज्यों और 41 प्रमुख शहरों से सीधे सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

प्रशासनिक और इंफ्रास्ट्रक्चर ब्लूप्रिंट के अनुसार, सागर जिले से अब चार नेशनल हाईवे और चार स्टेट हाईवे जुड़ रहे हैं। इस नेटवर्क के तैयार होने के बाद उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक की यात्रा आसान हो जाएगी। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और राजस्थान की दूरी घंटों में सिमट कर रह जाएगी। यह जिला मध्य भारत में लॉजिस्टिक्स का नया हब बनने की ओर अग्रसर है।

प्रमुख हाईवे प्रोजेक्ट्स और टाइमलाइन

सागर के विकास में सबसे अहम भूमिका सागर-कानपुर नेशनल हाईवे की होगी। यह 4+2 लेन का हाईवे साल 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बनने के बाद सागर से कानपुर का 7 घंटे का सफर घटकर मात्र 3 घंटे का रह जाएगा। यह प्रोजेक्ट भोपाल-लखनऊ इकोनॉमिक कॉरिडोर का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो दो राज्यों की राजधानियों को आपस में जोड़ेगा।

इसके अलावा, सागर-विदिशा-कोटा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण भी गेम चेंजर साबित होगा। यह एक्सप्रेसवे सागर को सीधे राजस्थान से जोड़ेगा, जिससे कोटा तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। वहीं, देश का सबसे लंबा उत्तर-दक्षिण हाईवे (NH-44) भी सागर जिले से होकर गुजरता है। इसका 162 किलोमीटर हिस्सा जिले में है, जो कश्मीर से कन्याकुमारी रूट पर 11 राज्यों तक सीधी पहुंच बनाता है।

व्यापार और पर्यटन के नए अवसर

सड़क नेटवर्क के इस विस्तार से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। हाईवे के किनारे होटल, रिसॉर्ट, रेस्टोरेंट और लॉजिस्टिक्स पार्क जैसी बिजनेस यूनिट्स के लिए संभावनाएं बढ़ गई हैं। जमीन मालिकों और निवेशकों के लिए यह भविष्य में आय का बड़ा जरिया बन सकता है। सागर-रहली और सागर-सिलवानी जैसे स्टेट हाईवे भी स्थानीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।

कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन को भी फायदा होगा। सागर-दमोह स्टेट हाईवे (75 किमी) के जरिए दमोह, कटनी और जबलपुर होते हुए महाराष्ट्र तक का रास्ता साफ हो रहा है। इससे सागर के आसपास स्थित पन्ना, नरसिंहपुर, विदिशा और ग्वालियर जैसे जिलों तक पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट सागर को मध्य भारत का एक प्रमुख ‘डेवलपमेंट हब’ बनाने की दिशा में अहम कदम है।

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